
पंजाब के किसानों की यहां आयोजित रैली में आई करीब 5,000 की भीड़ ने मंगलवार को शहर में जम कर तांडव किया। उपद्रव में एक किसान की बस से कुचल कर मौत हो गई जबकि करीब 55 अन्य घायल हो गये। घायलों में एसपी सिटी सहित 45 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर है। भीड़ ने 50 से ज्यादा निजी और सरकारी वाहनों में तोडफ़ोड़ की। 15 गाडिय़ों को आग के हवाले कर दिया।
चंडीगढ़ वालों के लिये मंगलवार का दिन किसी दु:स्वप्न सरीखा साबित हुआ। प्रशासन ने यहां एक साथ तीन-तीन संगठनों को धरना-प्रदर्शन की इजाजत दी जो कानून-व्यवस्था पर भारी पड़ा। दिन में करीब 20 से 25 हजार लोगों की भीड़ यहां जुटी। इनमें से पंजाब के बिजलीकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मिंयों की दो रैलियां तो शांतिपूर्वक निपट गईं पर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में आयोजित किसानों की रैली में आई भीड़ ने जम कर गदर मचाया। ये किसान बिजली बोर्ड के विघटन का विरोध कर रहे थे।
सेक्टर 16 से सेक्टर 23 के चौराहे के बीच सड़क पर किसानों ने सभा की। इसके बाद वे राजभवन की ओर बढऩे लगे। मौके पर तैनात चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस, हरियाणा पुलिस और सीआरपी के जवानों ने उन्हंे रोकने की कोशिश की। नाराज किसानों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। शाम चार बजे के आसपास प्रदर्शनकारी किसानों ने सेक्टर 16 और सेक्टर 17 के चौराहे पर चारों ओर से पुलिसवालों को घेर कर हमला कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोलों और पानी की तेजधार छोड़ कर उन्हें काबू करने की कोशिश की। कुछ देर में आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन में पानी समाप्त हो गया। इसके बाद पुलिसवाले जान बचाकर भाग खड़े हुए। आक्रामक भीड़ ने दूर तक दौड़ा कर उन पर शराब की खाली बोतलों और पत्थरांे से हमला किया। कई पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मी घायल हो गये। पुलिसकर्मियों ने इसके बाद एकजुट होकर किसानों को सेक्टर-25 तक खदेड़ दिया। भागते किसानों ने रास्ते में लोगों को पीटा और तीन कार, 2 ट्रक और 12 बाइकों में आग लगा दी। सेक्टर-22 में कई मकानों में तोडफ़ोड़ की।
शराब पीकर किया उत्पात
शराब के नशे में धुत रैली में शामिल उपद्रवियों ने रिहायसी भवनों पर जमकर पत्थर बरसाएं। पत्थरबाजी के बाद जब पुलिस ने दौड़ाया तो कुछ उपद्रवी सेक्टर-25 की ओर भागे जबकि कुछ ने सेक्टर-22 का रास्ता पकड़ा। सेक्टर-22 जाने वाले उपद्रवियों ने 22ए के कई घरों में तोडफ़ोड़ की। होटल पंकज के पीछे स्थित मकानों पर पत्थर फेंके गए। इसके साथ ही वहां खड़ी गाडिय़ों के शीशे भी तोड़ दिए गए। मध्यमार्ग से लेकर मोहाली को जोडऩे वाली सड़कों पर भीषण जाम लगा था। उपद्रवियों ने घरों के अंदर बैठे लोगों को भी इस हमले में चोटें आईं।
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