Tuesday, September 1, 2009

पार्वती जी को पत्नी धर्म का उपदेश - यानी स्त्रियों की स्थिति का विवरण

लोगों की भीड़ से भरी हुई सभा या मेले आदि उत्सवों को दूर से ही त्याग दे। जिस नारी को तीर्थयात्रा का फल पाने की इच्छा हो उसे पति का चरणोदक पीना चाहिए। उसके लिए उसी में सारे तीर्थ और क्षेत्र हैं...
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http://sudhirraghav।blogspot.com/2009/09/blog-post.html

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