Tuesday, August 18, 2009

रेंगने लगा है चंडीगढ़

वाहनों के इस शहर में रफ्तार धीमी होती जा रही है। मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमआरटीएस) के लिए राइट्स की सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि शहर में पीक आवर्स में वाहनों की औसतन रफ्तार 34 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है जबकि ऑफ पीक अवर्स में यह 37 किमी प्रति घंटा की है । सर्वे के अनुसार 121 ट्रैफिक सिगनल देरी के लिए जिम्मेदार है। तीन पाइंट्स पर ट्रैफिक कंजक्शन देरी के लिए जिम्मेदार है। ट्रैफिक सिगनल पर ट्रैफिक कंजक्शन तीन प्रतिशत देरी के लिए जिम्मेदार है। खराब सड़कों के कारण .७५ और रोड अंडर कंस्ट्रक्शन के कारण .७५ प्रतिशत देरी होती है। पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं है। जबकि बाकी ६३ प्रतिशत सड़क बगैर फुटपाथ के है।

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