सुधीर राघव
चंडीगढ़ और इसके आसपास के इलाकों में लाखों तितलियों के झुंड पूर्व से पश्चिम की ओर उड़ रहे हैं। ये तितलियां कुछ हरापन लिए पीली सी हैं। सभी एक ही परिवार की दिखती हैं। इतनी बड़ी संख्या को कुछ लोग किसी बड़े अनिष्ट का संकेत भी मान रहे हैं। हालांकि तितली विशेषग्य इस बात से खुश हैं कि ज्यादा तितलियां पर्यावरण बेहतर होने का संकेत हैं। इस तितली के बारे में कीट विग्यानी भी कई रोचक बातें बताते हैं-कैटोप्सिलिया प्य्रेंथे मध्यम आकार की यह तितली पिएरिडे परिवार की है। इस परिवार की 8१ प्रजातियां भारत में पायी जाती हैं। आजकल चंडीगढ़ और इसके आसपास के इलाकों में जो तितलियां उड़ रही हैं वे इन्हीं में से एक हैं। चंडीगढ़ में उड़ रही तितलियां हरापन लिए हुए पीले रंग की हैं। इनके पंखों में कोई निशान भी नहीं है। हलांकि इस परिवार की अन्य प्रजातियों में काले रंग के निशान भी पाये जाते हैं। इनमें नर के पंख चाक जैसा सफेद होते हैं, जबकि मादा हरापन लिए पीले रंग के पंखों वाली है। अंडे से वयस्क बनने तक का इनका जीवन चक्र 2२ से 29 दिन का होता है। एक साल में इनकी 1१ से 12 पीढिय़ां हो जाती हैं। ये मुख्यत: दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य अफ्रीका, साउदी अरब के दक्षिण हिस्सों में और न्यू गुएना में पायी जाती हैं।आजादी से पहले ब्रिगेडियर डब्ल्यू.एच. इ. वेन्स ने तितलियों पर काफी काम किया था, उन्होंने भारत और बर्मा में तितलियों की 14३८ प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की थी। मौजूदा समय में भारत में तितलियों के पांच परिवार बसते हैं। इनकी सैंकड़ों प्रजातियां हैं।पहला परिवार है पैपिलियोनिडे है। दुनिया में इसकी करीब साढ़े 5 सौ प्रजातियां है इनमें भारत में 8४ पायी जाती हैं। ये बड़ी आकार की तथा खूबसूरत होती हैं। इनके पंख काफी चमकीले होते हैं। आपके किचन गार्डन में आकर ये सबसे पहले आपका ध्यान खींचती हैं। न्यम्पेलिडे परिवार दुनियां में तितलियों का सबसे बड़ा परिवार माना जाता है। क्षेत्र के हिसाब से अलग रंग-रूप के चलते इस परिवार की कई हजार प्रजातियां हैं। इनमें 48 प्रजातियां भारत में भी पायी जाती हैं। ये तितलियां मध्यम आकार की होती हैं और अनेक रंगों में मिलती हैं।पिएरिडे परिवार की तितलियां तेज रफ्तार से उडऩे के लिए जानी जाती हैं। आकार मध्यम होता है। भारत में इस परिवार की 8१ प्रजातियां पायी जाती हैं। यह पीले और सफेद रंग की होती हैं तथा कुछ में काले निशान भी होते हैं।रिडीनिडे परिवार की तितलियांये तितलियां आकार में छोटी धातु के रंग की चमकीली होती हैं। इन पर ऐसे ही रंगों के चकत्ते भी रहते हैं। दुनियाभर में इनकी हजार के करीब प्रजातियां हैं, जिनमें 8४ भारत में पायी जाती हैं।ल्यकाईनीडे परिवार तितलियों का दुनिया में दूसरा बड़ा परिवार है। इसकी छह हजार से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनकी एक खासीयत यह भी है कि इनके लारवा यानी केटरपिलर अपने भोजन के लिए चींटियों पर निर्भर करते हैं। एक तरह से ये चींटियों की सफाई करते हैं।
Thursday, August 20, 2009
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