Monday, August 31, 2009
चंडीगढ़ में रोड टैक्स बढेगा
चंडीगढ़ में रोड टैक्स बढ़ाया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन एंड लाइसंेसिंग अथॉरिटी (आरएलए) में कर्मचारियों को नियुक्त करने वाली रेडक्रास सोसाइटी को कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट की तरफ से मिले नोटिस के बाद आरएलए में आय बढ़ाने के लिए जिन संभावनाओं पर विाचर किया जा रहा है, उनमें से एक प्रस्ताव रोड टैक्स को बढ़ाने का भी है। इसे पंजाब और हरियाणा के बराबर करने का प्रस्ताव है। हालांकि यह फैसला प्रशासन को करना है, लेकिन सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट के नोटिस ने रेडक्रास की नींद उड़ा दी है। आरएलए में सेवा देने के लिए रेडक्रॉस की तरफ से 50 से ज्यादा कर्मचारी ठेके पर रखे गए हैं। कई सालों से ये कर्मचारी यहां पर काम कर रहे हैं लेकिन उनके लिए न तो पीएफ और न ही ईएसआई जैसी सुविधाएं हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अब कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट ने रेडक्रॉस को सर्विस प्रोवाइडर करार दिया है और उसको नोटिस भी जारी कर दिया है। सर्विस प्रोवाइडर को साढ़े 12 प्रतिशत सर्विस टैक्स जमा कराना होता है। इसलिए अब यह बात सामने आ गई है कि यदि रेडक्रास सर्विस प्रोवाइडर है तो फिर कर्मचारियों को ईएसआई व पीएफ आदि की सुविधाएं भी देनी होगी। इसका खर्च हर साल लाखों रुपए में आएगा। रेडक्रॉस सोसाइटी को हर कार्ड की फीस में 50 से 60 रुपए दिए जाते हैं, जिसमें से उनकी तनख्वाह दी जाती है। यदि सर्विस चार्ज लगाए तो इस राशि को बढ़ाना होगा। ऐसा करने से जनता पर बोझ बढ़ेगा। यह विचार किया जा रहा है कि टैक्स बढ़ाकर पंजाब और हरियाणा के बराबर किया जाएगा, तो जो इनकम होगी उससे घाटे को पूरा किया जा सकता है। चंडीगढ़ में एकमुश्त 2 से 5 हजार रुपए के बीच में टैक्स लिया जाता है, वहीं पंजाब में वाहन की कीमत का दो प्रतिशत व हरियाणा में डेढ़ प्रतिशत रोड टैक्स लिया जाता है। जिला उपायुक्त आर के राव ने रोड टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव की पुष्टि की है।
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