-सुधीर राघव
बड़ी-बड़ी बातें करते थे
ये कैसे भाजपायी निकले
सावरकर की बात छेड़कर
जिन्ना के अनुयायी निकले।
(यह कविता विस्तार से पढ़ें http://sudhirraghav.blogspot.com/
Sunday, August 16, 2009
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WELCOME IN A BEAUTIFULL CITY
1 comments:
ये जिन्ना के कायल निकले,
पिंजडे से स्यार के शेर घायल निकले
हम तो इन बीजेपी वालो को
समझदार समझते थे
ये तो सब के सब पागल निकले !
लेकिन इसमें भी कोई दो राय नहीं कि सिर्फ अपने फायदे के लिए इस देश का बेडा गरक करने में नेहरू की भी अहम् भुमिका थी ! और ये हिन्दुस्तानी मुसलमान है कि उन्ही के गुण गाये जाते है पिछले ६० सालो से !
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