पंजाब यूनिवर्सिटी के होशियारपुर में छात्रों के साथ अब तक कितना अन्याय हुआ, इसकी दास्तां सुनाने स्वयं भुक्तभोगी छात्र कुलपति के पास पहुंचे। छात्रों के अनुसार एमसीए प्रथम वर्ष में 70, द्वितीय और तृतीय वर्ष में 40-40 छात्र दाखिल हैं। कोर्स की फीस 75 हजार रुपए हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए केवल एक ही रेगुलर शिक्षक राजेंद्र सिंह हैं। अब यही शिक्षक भी हैं और एचओडी भी। होशियारपुर से आपनी समस्याओं को रखने पहुंचे इन स्टूडेंट्स ने कहा कि पिछले एक महीने से दिन भर में केवल एक ही क्लास लगती है, उसके लिए इन्हें सारा दिन खराब करना पड़ता है। पीयू के चंडीगढ़ कैंपस में कोर्स लगभग आधा कवर कर लिया गया है। ऐसे में पूरी फीस देकर भी परेशान हैं, पढ़ाई से दूर हैं। इतना ही नहीं इन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रीजनल सेंटर में जिन शिक्षकों (रेगुलर के अलोक) को भी पढ़ाने के लिए भेजा गया, वे क्वालिफाइड थे ही नहीं। इसके अलावा बुनियादी सुविधाओं का भी आभाव है। छात्रों का कहना है कि उनके लैब में केवल 2 कंप्यूटर हैं और इंटरनेट भी नहीं हैं। तीन कक्षाएं लगने के लिए क्लासरूम केवल दो ही हैं। कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि मगंलवार तक उनके लिए रेगुलर शिक्षकों की व्यवस्था हो जाएगी।
(यह खबर विस्तार से चित्र सहित हिन्दुस्तान चंडीगढ़ में देखी जा सकती है)
Friday, August 21, 2009
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