-ओम राघव
करो कुछ ऐसा काज कि दुनिया जाने.
ऐसे छोड़ो निशान, जिसे दुनिया माने।
होकर पैदा जाने कितने ऐसे चले गए.
न पाया कोई जान, लोक उस चले गए।
ग्रह-पिंड ब्रह्माण्ड जीवों से भरा पड़ा है,
यह पृथ्वी-आकाश सारा अटा पड़ा है।
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Friday, July 31, 2009
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