Friday, June 26, 2009

कहानी-किस्सा की कविताएं

हुनर
पहले आदमी बाजार में आया
अपना हुनर बेचने।
फिर औरत भी बाजार पहुंची
खुद को बेचने।
...यह भी आदमी का ही हुनर था।।

खेत
शहर की ओर जाती सड़क से खेत की मिट्टी ने पूछा,
दस साल पहले तू मेरे किसान को ले गई थी,
वह लौटकर नहीं आया।
अगले दिन सड़क किसान को शहर से ले आई।
उसके अगले दिन किसान खेत बेचकर फिर शहर चला गया।।

पेट
किसान के पेट ने कहा-मैं भूखा हूं,
कल से कुछ नहीं खाया।
किसान सोचने लगा-
भगवान गरीब को ऐसा पेट क्यों देता है
जो न गांव में भरता है और न शहर में।।
-सुधीर राघव

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