Thursday, June 25, 2009

१। जड़ता के खिलाफ

सीना ताने पहाड़ ने
आदमी से कहा
देखो मेरी महानता
देखो मेरी शान
तुम क्या जानते हो?
आदमी ने कहा-
मैं चलना जानता हूं।
...और पहाड़ आदमी के पांव के नीचे था।

२. अकड़ का जन्म
आदमी ने हिमालय से पूछा-
तुम पत्थर कैसे हुए
तुम में इतनी अकड़ कहां से आई?
हिमालय ने कहा-
दबाव से
मेरा जन्म धरती के दो खंडो के
टकराने से उत्पन्न दबाव से हुआ है
वरना तो मैं पहले कोमल मिट्टी था।

३। मोक्ष
अपने ही बोझ से मिट्टी होते पहाड़ से
ऊपर उग आए फूल-पौधे ने कहा-
तुम्हारी अकड़ गई पहाड़
तुम अब मिट्टी हो रहे हो।
पहाड़ ने कहा-
जब अकड़ थी
तब अकेला था
अब जीवन किलकारी भरता है
यह मौत नहीं मोक्ष है।
-सुधीर राघव

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