पीजीआई के विशेषग्यों का कहना है कि गर्भ में पल रहे बच्चे का भी डीएनए टेस्ट हो सकता है। असल में चंडीगढ़ के नारी निकेतन में एक विक्षिप्त लड़की के बलात्कार के बाद गर्भवती होने का मामला आजकल चर्चा में है। लड़की गर्भपात कराया जाए या न इसे लेकर मामला अदालत में विचाराधीन है। समझा जाता है कि गर्भपात का फैसला अगर टलता है तो आरोपी को फायदा मिल सकता है, क्योंकि तब बच्चे के जन्म के बाद ही डीएनए टेस्ट हो सकेगा।
विशेषग्यों का कहना है कि गर्भ में मौजूद एमियोटिक फ्लयूड से सैंपल लेकर डीएनए जांच की जा सकती है और बच्चे के पिता का निर्धारण हो सकता है। मगर इस काम में सावधानी बरतने की जरूरत हैं।
Friday, June 19, 2009
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